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तक़रीर बदल दी

                
                                                         
                            के बदलने वाले ने लकीर बदल दी
                                                                 
                            
समय क्या चीज है तकदीर बदल दी

यहां वक़्त तो आना जाना है साहब
कहीं फ़क़ीरी तो कहीं जागीर बदल दी

एक साम ठहर गया था डेरा बंजारों का
कुआँ खोद रेगिस्तान की तस्वीर बदल दी

ना कहो के खुदा का लिखा मिटता नहीं
यहां लिखने वाले ने तो तक़रीर बदल दी
-नीटू मावी
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2 घंटे पहले

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