बाद में करना है आराम
तो आज करो तुम अपना काम।
रोजगार पाना है कल
तो आज परिश्रम करो जीभर।
पानी है अपनी पहचान
तो लगन से करो उसके लिए काम।
आज कर लिए तुम आराम
तो बाद मे होगा जीवन हराम।
- विभूति नारायण पाठक