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मंज़िल-ए-मक़्सूद

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आप अपनी मंजिल-ए-मक़्सूद पर ज़रूर पहुंचते हो अगर पक्का ईरादा लेकर घर से निकलते हो
        
                                                    
                            
जब-तक आप रुकते नहीं हो इस से कोई फ़र्क नहीं पडता है कि आप कितने धीरे धीरे चलते हो
-एन. आर. कस्वाँ
एक घंटा पहले
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