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खुशी के पल

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आदमी हर हाल में खुद को सम्भाल लेता है
        
                                                    
                            
दुख की घड़ीमें भी खुशीके पल निकाल लेता है!
रंज-ओ-ग़म मायूसी मलाल उदासी हताशा
हर निराशा में आशा की किरण निकाल लेता है!
-एन. आर. कस्वाँ
एक घंटा पहले
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