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ऐसा हिंदुस्तान रे

MOHD RIHAN

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर मुख पर हो प्रेम की भाषा हर मन में इंसान रे
        
                                                    
                            
हमें चाहिए एक बार फिर ऐसा हिंदुस्तान रे

भले न मैं उसके घर जाऊँ, भले न आए वो मेरे घर
पर रस्ते में मिलें तो पूछें बोलो सब कैसे हैं घर पर
गिरे सड़क पर जफर ख़ान तो राघव दौड़ा दौड़ा आए
हेमलता का हाथ पकड़ कुलमिंदर पुलिया पर कराए
ओ देशवासियों यही तुम्हारी है असली पहचान रे

किसी सियासी चाल का मारा आए गिराने गर गुरुद्वारा
हिंदू मुस्लिम मिल कर कह दें सब सुन लो ये घर हे हमारा
शुभ दीवाली में बोलूं और तुम बोलो मुझे ईद मुबारक
इन शब्दों से क्या होगा बस प्रेम बढ़ेगा आसमान तक
हिंदू की सिख जान बनेंगे सिख की मुसलमान रे
हमें चाहिए एक बार फिर ऐसा हिंदुस्तान रे
-बुशरा ख़ानम "मुहब्बत "
8 महीने पहले
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Shivam Kumar

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