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निर्मल उन्मुक्त जीवन चाहता है

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बेघर बेखबर रहना चाहता है
        
                                                    
                            
आसमान की छत के नीचे
चलता फिरता घर चाहता है
मन बंजारा होना चाहता है

निर्मल उन्मुक्त जीवन चाहता है
नदी समान बहना चाहता है
महकी शीतल बयार चाहता है
मन बंजारा होना चाहता है ।
-मं शर्मा 
12 घंटे पहले
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