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जुबां चुप हो जाए गर

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बहुत शोर है बाहर
        
                                                    
                            
भीतर की खामोशी
सुनेगा कौन

जुबां चुप हो जाए गर
नयनों की बोली
समझेगा कौन।
-मं शर्मा
6 घंटे पहले
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