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महफ़िलों की रजा

Manju Jakhar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गा रही है तुझे महफ़िलों की रजा
        
                                                    
                            
अब अकेले से होना मुखातिब नहीं
चल पड़ी हूँ सफर में तुम्हारे बिना
लौटकर घर को आना मुनासिब नहीं
-मंजू
2 घंटे पहले
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