विज्ञापन

तुम मेरे हो

Manish Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दावा नहीं करता कि तुम मेरे हो,
        
                                                    
                            
यकीं है, कि तुम मेरे ही हो,

इंकार करने से यकीन नहीं बदलता,
हां, मगर ये, बेरुखी, जरूर खलता है।।

मेरे दिल में मकान तुम्हारा है,
तुम्हारे इश्क में बना, बेचारा है,

रहोगे, कायनात तक यहां,
किरायेदार थोड़ी हो,
जो हर महीने घर बदलता है।।।

इंकार से मायूस नहीं है, दिल मेरा, मगर,
हां, सुनने को जरूर मचलता है।।।

हंसते, बोलते हो किसी और से,
तो दिल मेरा जलता है,

ऐसा लगता है, सीने पे बैठ के, कोई पूरियां तलता है।।।।
एक वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all