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तुम मेरे हो

                
                                                         
                            दावा नहीं करता कि तुम मेरे हो,
                                                                 
                            
यकीं है, कि तुम मेरे ही हो,

इंकार करने से यकीन नहीं बदलता,
हां, मगर ये, बेरुखी, जरूर खलता है।।

मेरे दिल में मकान तुम्हारा है,
तुम्हारे इश्क में बना, बेचारा है,

रहोगे, कायनात तक यहां,
किरायेदार थोड़ी हो,
जो हर महीने घर बदलता है।।।

इंकार से मायूस नहीं है, दिल मेरा, मगर,
हां, सुनने को जरूर मचलता है।।।

हंसते, बोलते हो किसी और से,
तो दिल मेरा जलता है,

ऐसा लगता है, सीने पे बैठ के, कोई पूरियां तलता है।।।।
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एक वर्ष पहले

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