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तेरे गीत गाऊं मैं झूमकर

MANISH PANDEY

Mere Alfaz
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                            तेरे गीत गाऊं मैं झूमकर
        
                                                    
                            
ये सिलसिला शब भर चले

मेरे होठों पे तेरा नाम हो
तेरी खुश्बू सांसों में घुले

तेरी उंगलियों में उलझ गया
एक चांद ख्वाब हसीन सा
इसे सिर्फ़ इश्क़ न जानिये
है ये धागा बहुत महीन सा

मेरा दिल कहे,जानां तू ही
हर जन्म में मुझको मिले

ज़रा पास आ ,कुछ देर सुन
जो कभी नहीं है कहा गया
रख अपने लब मेरे होंट पर
चख प्रेम जो है नया - नया

तू निकल के आ घूंघट से तो
ठहरी हुई धड़कन चले
तेरे गीत गाऊं मैं झूमकर
ये सिलसिला शब भर चले

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8 वर्ष पहले
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