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साथ सभी को चलना होगा

Manish Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तिक्षण बाणों की शैया होगी,
        
                                                    
                            
कंटक पथ पर, चलना होगा,
सपना है, जब विकसित भारत,
नव सांचे मे, ढलना होगा!

स्वार्थ रहित, उपकार सहित, हमें,
कुटिल प्रारब्ध को छलना,होगा,
नई दृष्टि से, अल्प काल मे,
कार्य रीति को, बदलना होगा!

वर्ग भेद से, उपर उठकर,
विश्व पटल पर, फलना होगा!.

राष्ट्र प्रधान, के कुशल नेतृत्व मे,
साथ सभी को चलना होगा!
2 महीने पहले
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Rabindra Aman

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