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साथ सभी को चलना होगा

                
                                                         
                            तिक्षण बाणों की शैया होगी,
                                                                 
                            
कंटक पथ पर, चलना होगा,
सपना है, जब विकसित भारत,
नव सांचे मे, ढलना होगा!

स्वार्थ रहित, उपकार सहित, हमें,
कुटिल प्रारब्ध को छलना,होगा,
नई दृष्टि से, अल्प काल मे,
कार्य रीति को, बदलना होगा!

वर्ग भेद से, उपर उठकर,
विश्व पटल पर, फलना होगा!.

राष्ट्र प्रधान, के कुशल नेतृत्व मे,
साथ सभी को चलना होगा!
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2 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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