जिसके ना हो बीवी, बच्चे
वो उमर भर रहते, अकल के कच्चे
बीवी सिखा देती, दुनियादारी
बच्चे सिखाते, तरफदारी।
सहनशीलता बढ़ती, बीवी के तानों से
उद्यमशीलता आती, बच्चों को मनाने से
बीवी के सवालों से, शुरू होती अभिनय यात्रा,
बच्चों को पढ़ा, ज्ञानार्जित करते सही मात्रा
बीवी के आसुओं से, हो जाता ब्रह्मज्ञान
बच्चों का रोना, सिखाए सुर, तान
बीवी, बच्चे बनाते, बहुमुखी प्रतिभा के धनी,
पढ़ कर कविता, बीवी की भृकुटि तनी।