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बाल सफेद

Manish Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जीतने पर, ढोल नही पीटते,
        
                                                    
                            
न ही हारने पे जताते है, खेद!

रिश्तों और दुनियादारी का, पता है,
हर छुपा हुआ, भेद!

गलियों की खाक छानी है,
माथे की सिलवटों पर, बीते वक़्त की निशानी है!

प्यार से जो मिला, उसे प्यार दिया,
नामुरादों को, दिया रगेद,

हमने भी, हुज़ूर, धूप मे नहीं,
किये बाल सफेद!
एक महीने पहले
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