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बाल सफेद

                
                                                         
                            जीतने पर, ढोल नही पीटते,
                                                                 
                            
न ही हारने पे जताते है, खेद!

रिश्तों और दुनियादारी का, पता है,
हर छुपा हुआ, भेद!

गलियों की खाक छानी है,
माथे की सिलवटों पर, बीते वक़्त की निशानी है!

प्यार से जो मिला, उसे प्यार दिया,
नामुरादों को, दिया रगेद,

हमने भी, हुज़ूर, धूप मे नहीं,
किये बाल सफेद!
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13 घंटे पहले

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