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स्याही खुशबूदार: .......

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमारे
        
                                                    
                            
कलम की
स्याही
खुशबूदार है
पन्नों पर
उतरते ही
पेज महकने
लगते हैं
आस पास के
माहौल गमकने
लगते हैं
दिल दिमाग सब
चहकने लगते हैं।
कलम मेरी
कलम ही नहीं है
यह हाथों की
शोभा है
मन का सुकून है
दिल की धड़कन है
यह मेरी
अनमोल धन है।।

-ममता तिवारी
5 महीने पहले
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