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स्याही खुशबूदार: .......

                
                                                         
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कलम की
स्याही
खुशबूदार है
पन्नों पर
उतरते ही
पेज महकने
लगते हैं
आस पास के
माहौल गमकने
लगते हैं
दिल दिमाग सब
चहकने लगते हैं।
कलम मेरी
कलम ही नहीं है
यह हाथों की
शोभा है
मन का सुकून है
दिल की धड़कन है
यह मेरी
अनमोल धन है।।

-ममता तिवारी
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4 महीने पहले

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