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"मोहब्बत":.......

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मोहब्बत तो
        
                                                    
                            
मां करती है
बिना थके
दिन भर चलती
रात को भी
आराम बहुत
मुश्किल से
करती है
सुबह चिड़ियों के
जगने के पहले
उठकर सब काम
निपटा लेती
कहां किसी अलार्म
का इंतजार
करती है
मोह बहुत हो
इसी का नाम है
"मोहब्बत"
मां से ज्यादा
मोह किसी को
किसी के लिए
कहां होता है
अपने बच्चों
के लिए मौत
को भी बेझिझक
गले लगा लेती है
मोहब्बत में सारे
हदे पार कर दे
वो कोई और नहीं
बस,सिर्फ और सिर्फ
मां होती है मां की
मोहब्बत ही असल
और अटल है....।।
-ममता तिवारी
5 महीने पहले
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