मोहब्बत तो
मां करती है
बिना थके
दिन भर चलती
रात को भी
आराम बहुत
मुश्किल से
करती है
सुबह चिड़ियों के
जगने के पहले
उठकर सब काम
निपटा लेती
कहां किसी अलार्म
का इंतजार
करती है
मोह बहुत हो
इसी का नाम है
"मोहब्बत"
मां से ज्यादा
मोह किसी को
किसी के लिए
कहां होता है
अपने बच्चों
के लिए मौत
को भी बेझिझक
गले लगा लेती है
मोहब्बत में सारे
हदे पार कर दे
वो कोई और नहीं
बस,सिर्फ और सिर्फ
मां होती है मां की
मोहब्बत ही असल
और अटल है....।।
-ममता तिवारी
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