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मेरी कलम बहुत

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरी कलम बहुत नाजुक है
        
                                                    
                            
लिख देती क्या दुख क्या सुख है
देखती रहती बैठी बैठी
हाथों में आने के लिए बेचैन रहती है
खूबसूरत एहसासो को पिरोने वाली
मेरी कलम बहुत अच्छी है
मीठी-मीठी बातें लिखती
हर वक्त मेरे साथ चलती रहती है
रुक जाती तो मेरी किस्मत भी रुक जाती है
मेरी कलम मेरी दीवानी है
मेरी कलम बहुत नाजुक है
फिर भी, चलती रहती है।।
-ममता तिवारी
6 महीने पहले
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