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लिखूं मैं कविता:......

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            लिखूं मैं कविता
        
                                                    
                            
कलम मेरे हाथ में दो
एक मेहरबानी तुम
मुझ पर तुरंत कर दो
लिखना मुझे अच्छा लगता
कैसे बिना लिखे रहूं मैं
एक मिनट चैन नहीं पड़ता
बेचैन कैसे रहूं मैं
शांति के लिए मुझे लिखने दो
लिखकर ही चैन पाऊं मैं
एक रहम मुझ पर
आज अभी कर दो
बेचैन हूं बहुत मैं
मेरे हाथों में कलम दो
बहलाना छोड़ो
मुझे अभी लिखने दो
लिखूं मैं कविता
मेरे हाथों में कलम दो।।
-ममता तिवारी
5 महीने पहले
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