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कोयल की मधुर:.......

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं स्तब्ध सी बैठी
        
                                                    
                            
अतीत के यादों में खोई
अच्छे बुरे सपने बून रही थी
तब तक अचानक कानों में
कोयल की मधुर
आवाज सुनाई दी
मन से बुरी स्मृतियां
गायब हो गई
और सुंदर मधुर कोयल की
आवाज ने आत्मा को
आनंदित कर दिया
मैं मुग्ध हो गई
फिर मैं सोचने लगी
प्रकृति की सुंदरता
महसूस करने लगी
वास्तव में यूनिवर्स ने
हमें तमाम खुशियों से
नवाजा है
हम करोड़ों खर्च कर के
वो खुशियां नहीं खरीद सकते
जो प्रकृति ने हमें मुफ्त में दिए हैं
मेरे खुशियों का ठिकाना न था
कोयल की मीठी कूक ने
एहसासों से भर दिया
कुछ देर के लिए
उन खूबसूरत पल में ठहर गई
बहुत देर तक आवाज सुनती रही
और खुद में,
एक अजीब चमक और
ऊर्जा महसूस करने लगी
सच में, अनोखी है दुनिया
ख़ुशी के लिए चीजों की नहीं
चेतना की जरूरत है
हमारे आसपास तमाम
नजारों में खुशियां है
दिल को जागृत कर
खुशियों से भर देने की
आवश्यकता है
ख़ुशी किसी दुकान में
नहीं बिकती
वो हमारी आत्मा की
अनुभूति है
हम जब चाहे
जहां चाहे
निर्जीव सजीव
सब में खुशियां
ढूंढ सकते हैं।।

कोयल के लिए
मन में प्यार
कोयल की कूक
होती बहुत शुभ

-ममता तिवारी
5 महीने पहले
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