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कोयल की मधुर:.......

                
                                                         
                            मैं स्तब्ध सी बैठी
                                                                 
                            
अतीत के यादों में खोई
अच्छे बुरे सपने बून रही थी
तब तक अचानक कानों में
कोयल की मधुर
आवाज सुनाई दी
मन से बुरी स्मृतियां
गायब हो गई
और सुंदर मधुर कोयल की
आवाज ने आत्मा को
आनंदित कर दिया
मैं मुग्ध हो गई
फिर मैं सोचने लगी
प्रकृति की सुंदरता
महसूस करने लगी
वास्तव में यूनिवर्स ने
हमें तमाम खुशियों से
नवाजा है
हम करोड़ों खर्च कर के
वो खुशियां नहीं खरीद सकते
जो प्रकृति ने हमें मुफ्त में दिए हैं
मेरे खुशियों का ठिकाना न था
कोयल की मीठी कूक ने
एहसासों से भर दिया
कुछ देर के लिए
उन खूबसूरत पल में ठहर गई
बहुत देर तक आवाज सुनती रही
और खुद में,
एक अजीब चमक और
ऊर्जा महसूस करने लगी
सच में, अनोखी है दुनिया
ख़ुशी के लिए चीजों की नहीं
चेतना की जरूरत है
हमारे आसपास तमाम
नजारों में खुशियां है
दिल को जागृत कर
खुशियों से भर देने की
आवश्यकता है
ख़ुशी किसी दुकान में
नहीं बिकती
वो हमारी आत्मा की
अनुभूति है
हम जब चाहे
जहां चाहे
निर्जीव सजीव
सब में खुशियां
ढूंढ सकते हैं।।

कोयल के लिए
मन में प्यार
कोयल की कूक
होती बहुत शुभ

-ममता तिवारी
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3 महीने पहले

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