विज्ञापन

शायर बन गए

Malti Maurya

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इश्क उनके में घायल हुए हम,
        
                                                    
                            
दीवानगी में उनके पागल हुए हम |
वो आकर चले गए हवाओं की तरह,
अदाओं पर उनके कायल हुए हम |

उनके इंतजार में शायर बन गए हम,
हरेक पल का सुकून पल में खो गये हम|
सोचा मिलेंगे जरुर सच्चे प्रेमी रिवाजों से परे,
ज़ालिम ज़माने की रश्मों से महरूम रहे हम|

बेचैन दिल को करार आया.
एहसास प्यार का दिल ने पाया |
दिल को धोखे में रख जान बना जो,
वही मतलब में जिस्म से जान निकल गयी|


- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
6 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Sanjai kumar

103 कविताएं

View Profile