इश्क उनके में घायल हुए हम,
दीवानगी में उनके पागल हुए हम |
वो आकर चले गए हवाओं की तरह,
अदाओं पर उनके कायल हुए हम |
उनके इंतजार में शायर बन गए हम,
हरेक पल का सुकून पल में खो गये हम|
सोचा मिलेंगे जरुर सच्चे प्रेमी रिवाजों से परे,
ज़ालिम ज़माने की रश्मों से महरूम रहे हम|
बेचैन दिल को करार आया.
एहसास प्यार का दिल ने पाया |
दिल को धोखे में रख जान बना जो,
वही मतलब में जिस्म से जान निकल गयी|
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