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शायर बन गए

                
                                                         
                            इश्क उनके में घायल हुए हम,
                                                                 
                            
दीवानगी में उनके पागल हुए हम |
वो आकर चले गए हवाओं की तरह,
अदाओं पर उनके कायल हुए हम |

उनके इंतजार में शायर बन गए हम,
हरेक पल का सुकून पल में खो गये हम|
सोचा मिलेंगे जरुर सच्चे प्रेमी रिवाजों से परे,
ज़ालिम ज़माने की रश्मों से महरूम रहे हम|

बेचैन दिल को करार आया.
एहसास प्यार का दिल ने पाया |
दिल को धोखे में रख जान बना जो,
वही मतलब में जिस्म से जान निकल गयी|


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6 वर्ष पहले

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