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खुद को याद

KUSHAL SINGH

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरे ख़्वाब तुम्हारे पास गिरवी हैं
        
                                                    
                            
क़ीमत मैं किस्तों में चुका रहा हूं
तुम इतना याद आ रहे हो ,
की मैं ख़ुद को भूल जा रहा हूं
कभी मिलना मुझे तो मुझसे मिलवा देना
मैं खुद को बहुत याद आ रहा हूं।
- आलोक सिंह
10 महीने पहले
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