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यादों और नींद का मेल

Kuldeep yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            न जाने कैसा मेल है
        
                                                    
                            
तेरी यादों और मेरी नींद के बीच
तेरी यादें जाती नहीं
मेरी नींद आती नहीं...
एक वर्ष पहले
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