भाषण!
लाल किले के
ऊपर अबकी
लंबा चौड़ा
भाषण
पढ़ा गया
हिंदी का भी
जिक्र हुआ है
जनमानस द्वारा
सुना गया
हिन्द की
हिन्दी
कोमा भीतर
देखो क्या
बच पाती है
नवयुग का
नव कलमकार हूं
लिख जाता
सच्चाई हूं।।