भाषा को सौंदर्य बढ़ावन
प्राण सींचित करके लिखू।
मातृभाषा को उत्कर्ष साती,
मी,समर्पण भाव लक लिखू।।
सागर ला गहराई मांगू।
बादलों ला ऊंचाई मांगू।
मातृभाषा को उत्कर्ष साती,
मी,बहारों ला सौंदर्य मांग के लिखू।।
अंबर लक शब्द तारा आनू।
सागर लक शब्द मोती आनू।
मातृभाषा को उत्कर्ष साती,
मां शारदा को आशीष लक लिखू।।
स्वयं की क्षमता लक लिखू।
स्वयं को विवेक लक लिखू।
मातृभाषा को उत्कर्ष साती,
स्वयं को खून पसीना लक लिखू।।
देहभान भूलकर लिखू।
संसार भूलकर लिखू।
मातृभाषा को उत्कर्ष साती,
मी, सर्वस्व त्याग कर लिखू।।
सूर्य को तेज लक लिखू।
हवाओं की आज़ादी लक लिखू।
मातृभाषा को उत्कर्ष साती,
मी,जिंदगी को दाव पर लिखूं।।
सूर्य ला आलोक मांगके लिखू।
कल्याण की कामना लक लिखू।
मातृभाषा को उत्कर्ष साती,
मी, रणभेरी को स्वर मा लिखू।।
-ओ सी पटले