अचानक छाए आसमान में काले बादल,
बादलों की दौड़ देख मन हर्षाए।
सहसा एक आवाज सी आई,
सुन आवाज हम भागे बालकनी में।
देखा तो बारिश झमाझम आई,
हवा गुनगुनाई अपनी सरगम में।
देखो कुदरत का नजारा,
पल में बारिश ,पल में धूप।
कुछ पल बूँदें छम छम बरसी,
फिर सूरज की किरणें चमकी।
मौसम के यह खेल निराले,
हंसी-खुशी के पल है सारे।
-हेमलता पाण्डेय