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सुंदर मुंदरिये 'हो', तेरा कौन बेचारा 'हो'

Gulshan Chopra

Mere Alfaz
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                            सुंदर मुंदरिये हो, तेरा कौन बेचारा हो
        
                                                    
                            

दुल्ला पठी वाला हो, दुल्ले ती विआई हो,

शेर शकर पाई हो, कुड़ी दे जेबे पाई हो ,

कुड़ी कौन समेटे हो, चाचा गाली देसे हो 

चाचे चुरी कुटी हो ,जिम्मीदारा लूटी हो,

जिम्मीदार सुधाये हो, कुड़ी डा लाल दुपटा हो,

कुड़ी डा सालू पाटा हो, सालू कौन समेटे हो,

आखो मुंडियों ताना 'ताना', बाग़ तमाशे जाना 'ताना' ,

बागों मनु कोडी लबी 'ताना 'कोडी दा मैं ' का 'खरदिया ताना '

'का ' मैं गऊ नू दिता 'ताना ' गऊ मनु दुध दिता 'ताना '

दुध दी मैं खीर बनाई 'ताना ' ,खीर मैं पंडित नू दिति 'ताना '

पंडित ने मनु धोती दिति 'ताना ' पाड़ पुढ़ के 'काके' दी लगोटी सीति 'ताना '

- गुलशन कुमार चोपड़ा, चंडीगढ़

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