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अधूरापन

Govind Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अक्सर बातेंअधूरी रह जाती है,
        
                                                    
                            
लेकिन अधूरी बात भी कुछ कह जाती है।
अधूरा प्रेम, अधूरी पूजा, अधूरी इच्छा,
अधूरी होकर भी सिखा जाती है
पूरे होने का वो महत्व, जो कभी
पूरा होना नहीं सिखा सकता।
अधूरेपन में निहित होती है एक आशा
जो पूर्णता में कभी नहीं हो सकती।
एक उम्मीद जिसके बल पे व्यक्ति
पूरेपन के अनुभव तक पहुंचता है,
और भूल जाता है अधूरा होना।
2 महीने पहले
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