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खुशियां

Ghanshyam Bairagi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            
हमेशा

चंदन की तरह,
होती है खुशियां ।
चंदन जो
माथे पर लगाओ,
तो दमकता है चेहरा ।।
चाहे अपने हों
या हों कोई पराये ।
उंगलियां
अपनी भी,
महक ही जाती है ।।
खुशियां,
वैसी ही बांटते रहें ।
महक इनकी
बढ़ती ही जायेगी ।।

- घनश्याम बैरागी

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8 वर्ष पहले
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