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दिल रुठा ही नहीं तुम से

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरी भी एक हसरत थी सनम कि मैं भी रुठ जाऊं, और तुम मनाओ,
        
                                                    
                            
लेकिन मेरी हसरत,हसरत ही रह गई, दिल रुठा ही नहीं तुम, से,
14 घंटे पहले
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