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मैं कुछ ऐसा लिखता हूं कि तेरे सिवाय कोई समझ ना सके

Dn Chaubey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं कुछ ऐसा लिखता हूं कि तेरे सिवाय कोई समझ ना सके,
        
                                                    
                            
हर अल्फाज, शब्द में जिक्र तेरा मेरा होता है,
पर मेरे सिवाय कोई और तेरा ज़िक्र ना कर सके,
और ना तेरे सिवाय मुझे कोई पढ़,समझ सकें,
एक घंटा पहले
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Anil Pandey

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