मैं कुछ ऐसा लिखता हूं कि तेरे सिवाय कोई समझ ना सके,
हर अल्फाज, शब्द में जिक्र तेरा मेरा होता है,
पर मेरे सिवाय कोई और तेरा ज़िक्र ना कर सके,
और ना तेरे सिवाय मुझे कोई पढ़,समझ सकें,
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