पी लेने दो जी भर हमको आज हमारे पास खुशी है
कल किसने कब देखा दिखता हर इंसान दुःखी है
ज्वार गुजर जायेगा जब तो तट सूना वीरान दिखेगा
उठती लहरें मन में ऊँची वर्तमान दिनमान सुखी है.
-दिनेश चौहान