विज्ञापन

जब कोई मिल जाता है

dinesh chauhan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रुक जाओ
        
                                                    
                            
या
बढ़ जाओ
जीवन कहाँ ठहरता है
धूप छांव
संग
कांटे लेकर
धीरे-धीरे बस बढ़ता है.

सफ़र सुहाना
लेकर
अफ़साना
सतरंगी हो जाता है
बोल प्यार के
कहने वाला
बीच सफ़र में जब
कोई मिल जाता है.
-दिनेश चौहान
9 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all