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तुझको ना देखूं तो लगती है ये सजा

Dheeraj Porwal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हम पास रह ना सके
        
                                                    
                            
कुछ तुमसे कह ना सके
धीरे से टूट गई
वो हंसी… वो आरजू
सांसों में रह गई
मुझको ना तू समझ बेवफा
कर ले यकीन बस एक दफा
अब मेरे मन में है तू ही बसा
तुझको ना देखूं तो लगती है ये सजा
ये है सजा…मेरी सजा
तेरा ही नाम है दिल की सजा
एक रिश्ता जो चुपके से जुड़ गया
मेरा मुझको तू जो मिल गया
ये है सजा…मेरी सजा
तू ही दुआ भी तू ही सजा
दर्द भी तू ही मेरा मरहम भी
धड़कन धड़कन… तुझको ही पुकारे
आ पासा आ पनाह दे दे
बस बाहों में मुझको समाले
ये सारी उलझन तू आज सुलझा दे
सीने पे रख दे थककर सर मेरा
है कसक दिल को ना समझा सके
प्यार जो करते तुझे सोच के
होंठों पे हरदम नाम तेरा रहा
चुपके से बन गई जिंदगी मेरी दुआ
रातें गुजरती है तेरे खयालों में
ख्वाबों के पन्नों पर चेहरा तेरा
आंसू भी हंस देते जब लगे बाहों में
तू है कहीं मेरे ही आसपास
ये है सजा…मेरी सजा
तेरा ही नाम है दिल की सजा
एक रिश्ता जो चुपके से जुड़ गया
मेरा मुझको तू जो मिल गया
ये है सजा…मेरी सजा
तू ही दुआ भी तू ही सजा
दर्द भी तू ही मेरा मरहम भी
धड़कन धड़कन... तुझको ही पुकारे
तू रूठे तो सांसें भी थम जाए
तू हंसे तो दुनिया संवर जाए
छोड़ भी दूं तो खुद से जुदा हो जाऊं
तेरी ही राहों में हर पल चला जाऊं
ये है सजा…मेरी सजा
तेरा ही नाम है दिल की सजा
एक रिश्ता जो चुपके से जुड़ गया
मेरा मुझको तू जो मिल गया
ये है सजा…मेरी सजा
तू ही दुआ भी तू ही सजा
अब तो ये दिल भी बस इतना ही जाने
तुझको ना देखूं तो लगती है ये सजा
6 घंटे पहले
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