मैं चाहत हूं मेरे सपनों की
उम्मीदों की मेरे अपनों की
जो रोके कोई ना मुझे
मैं उड़ती फिरूं
मेरे सपनों को मैं जियूं
उन्हें रंग दूं
एक घर होगा मेरा अपना भी
क्या ये सच होगा मेरा सपना भी
हर ख्वाब को मैं ऐसे जियूं
जैसा देखा है मैंने सपना यूं ही
मैं हिम्मत हूं मेरे सपनों की
उम्मीदों की मेरे अपनों की
जो रोके कोई ना मुझे
मैं उड़ती फिरूं
मुझे पंख मिले जो अगर
मैं उड़ती रहूँ