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पुलवामा मे शहीद सैनिक की बीबी का होली में अपने पति का इन्तजार कुछ इस तरह........

Dharmendar Rai

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बिन तेरे न खेली जाये ,मेरे सजना ये होली ,
        
                                                    
                            
रोते रोते भीग गई है,अब तो मेरी चोली ,
बिन तेरे न खेली जाये ,मेरे सजना ये होली ,

किसी के गालों में अबीर ,किसी के गालों में गुलाल है ,
मेरे सजना तुम साथ नहीं हो,बस आपका ही ख्याल है,
वो गली जो कभी रंग से रंग जाती थी फूलों की तरह ,
उसी रंग बिरंगो बिरंगो रंगो से भरी हुई है झोली ,
पर बिन तेरे न खेली जाये ,मेरे सजना ये होली,

रंग से रँगे है लोग यहाँ,कोई पीला कोई हरा है,
मेरे दिल में आज बस ,तेरे प्यार का रंग भरा है ,
करती हूँ इन्तजार तेरा ,होली के बहाने आ जा अब ,
मेरे जिस्म पर रंगो की तरह ,मेरे सजना समां जा अब
लगता है ये होली है अब ,मेरे अरमानो की डोली,
पर बिन तेरे न खेली जाये ,मेरे सजना ये होली,

रिश्ते जोड़ने के लिए साजन ,सिंदूरी रंग तुम लेते आना ,
मेरे लिए अब गुलाल अबीर ,तुम अपने संग अब लेते आना ,
खेलेंगे मिलकर हम ,याद रखेंगे ये होली ,
मेरे सजना धोखा न देना ,मेरी इस बोली को,
टूटने न देना दिल मेरा ,मै हु बहुत भोली ,
पर बिन तेरे न खेली जाये ,मेरे सजना ये होली,
रोते रोते भीग गई है,अब तो मेरी चोली।

धर्मेंद्र राय

9690346911



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