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आओ मिलकर दीप जलाएं

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आओ मिलकर दीप जलाएं
        
                                                    
                            
सत्य अहिंसा की मिट्टी लेकर
नीर प्रीत से इसको मथ कर
ऐसा सुंदर दीप बनाएं, आओ मिलकर दीप जलाएं।।
ज्ञान की बत्ती इसमें रखकर
तेल त्याग का इसमें भरकर
घृणित तम को जहां भी पायें,
इस दीपक को वही जलाएं आओ मिलकर दीप जलाएं।।
जात पात का धर्म मिटाकर
सब जीवो पर दया दिखाकर
देश प्रेम डिगने का पाऐं, आओ मिलकर दीप जलाएं।।
करें प्रतिज्ञा आपस में मिलकर
साथ रहेंगे लड़कर झड़कर
दीप प्रेम का बुझने ना पाए, आओ मिलकर दीप जलाएं।।
कृषक हो चाहे व्यापारी
हो राजा. या हो दरबारी
परहित से कुछ तो अपना पुण्य कमाए, आओ मिलकर दीप जलाएं।
5 घंटे पहले
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Prasoon Saxena

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