विज्ञापन

नाम आया क्योंकर

CHANDRA KANT

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उनके हसीन लब पर मेरा नाम आया क्यों कर
        
                                                    
                            
मेरे कत्ल का मुझपे ही इल्ज़ाम आया क्यों कर
करने से पहले उलफत के ज़ख़म पाये मैंने
बिना किए ही मोहब्बत अंजाम पाया क्यों कर
बस एक खता की उन्हे खत भेज दिया मैंने
एतराज हुआ खुद मैंने न पैगाम पहुंचाया क्यों कर
हमने उनके हुज़ूर मे सजदे थे किए हजारो
जाने न उनका अब तक सलाम आया क्यों कर
माना उसका इश्क़ बस एक महज खेल है
मगर हमारी उलफत पे ये निशान आया क्यों कर
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anurag vishwkarma (aiyaar)

8 कविताएं

View Profile

Priya Mehra

1 कविता

View Profile