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नाम आया क्योंकर

                
                                                         
                            उनके हसीन लब पर मेरा नाम आया क्यों कर
                                                                 
                            
मेरे कत्ल का मुझपे ही इल्ज़ाम आया क्यों कर
करने से पहले उलफत के ज़ख़म पाये मैंने
बिना किए ही मोहब्बत अंजाम पाया क्यों कर
बस एक खता की उन्हे खत भेज दिया मैंने
एतराज हुआ खुद मैंने न पैगाम पहुंचाया क्यों कर
हमने उनके हुज़ूर मे सजदे थे किए हजारो
जाने न उनका अब तक सलाम आया क्यों कर
माना उसका इश्क़ बस एक महज खेल है
मगर हमारी उलफत पे ये निशान आया क्यों कर
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34 मिनट पहले

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