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वह सितारा कहाँ चला गया

चेतना सिंह

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            लाखों दिलों की धड़कनें
        
                                                    
                            
थम-सी गईं,
वह सितारा कहाँ चला गया।

आँखें नम हो गईं,
वह आवाज़ कहाँ खो गई,
वह सितारा कहाँ चला गया।

ज़मीं रो रही है,
आसमाँ रो रहा है,
आज मौसम का रुख भी
बदला-सा है,
चारों ओर उदासी छाई हुई है,
वह सितारा कहाँ चला गया।

कैसे दें हम उसे विदाई,
जाते-जाते सबको रुला गया।
वह सितारा कहाँ चला गया।
-चेतना सिंह 'चितेरी'
3 घंटे पहले
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