लाखों दिलों की धड़कनें
थम-सी गईं,
वह सितारा कहाँ चला गया।
आँखें नम हो गईं,
वह आवाज़ कहाँ खो गई,
वह सितारा कहाँ चला गया।
ज़मीं रो रही है,
आसमाँ रो रहा है,
आज मौसम का रुख भी
बदला-सा है,
चारों ओर उदासी छाई हुई है,
वह सितारा कहाँ चला गया।
कैसे दें हम उसे विदाई,
जाते-जाते सबको रुला गया।
वह सितारा कहाँ चला गया।
-चेतना सिंह 'चितेरी'
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