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बया को खेतों में देखा

Avinash Beohar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            निर्दयी बहुत जमाना है।
        
                                                    
                            
साथ किस तरह निभाना है।।

दूर तक भूमि दिखी बंजर-
वहां पर गांँव बसाना है।

आदमी मिला मुझे सहसा -
किंतु निकला बेगाना है।

जहांँ तक एक महल देखा-
चुनांचे बहुत पुराना है।

मुझे क्यों उसने भटकाया-
समय पर उसे छकाना है।

जरा सी बूंँदा-बांँदी में-
भेक का है टर्राना है।

बया को खेतों में देखा-
प्यार से चुगती दाना है।
-अविनाश ब्यौहार
 
3 घंटे पहले
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