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दिखती दिल को कोई राह नहीं।।

Asha Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक रोज़ क़यामत की आयी
        
                                                    
                            
सब कतरा कतरा बिखर गया।
उठी दिल में कसक गये नैन छलक
ख़ामोशी लब पर पसर गया।
कई रात कटी सदियां जैसी
नींदे आंखों से दूर भये।
प्यार गया एतबार गया
खुशियों से भरे दिन रैन गये।
आंखों में बसी उदासी है
मन में सपनों की चाह नहीं।
दिन रैन है उलझे उलझे से
दिखती दिल को कोई राह नहीं।।
6 घंटे पहले
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