विज्ञापन

निःस्वार्थ प्रेम

Aryan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            न कोई शर्त, न कोई दिखावा है,
        
                                                    
                            
उसका प्यार बस दिल का एक प्यारा सा अंदाज़ है।
सुबह की हल्की धूप जैसी भोली है,
मीठी सी बात जैसे मिसरी की गोली है।
चेहरे पे अपने सजाती है बस एक मुस्कान,
बिना बोले पढ़ लेती है हर अरमान।
थोड़ा सा पानी देना, थोड़ा ख्याल रखना,
उसका प्यार है बस दिल के पास रहना।
न महंगे गहने, न कोई बड़ा श्रृंगार,
उसकी सादगी में ही बसता है सारा संसार।
एक स्त्री का प्यार वो ठंडी सी छांव है,
जहाँ थक के रुक जाए, वही अपना गाँव है।
धन्य है वो स्त्री, जिसके आँचल में सारा संसार जगा है।
5 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all